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कà¥à¤¯à¤¾ 7 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को चिकनपॉकà¥à¤¸ हो सकता है?
चिकनपॉकà¥à¤¸ (जिसे वैरिकाला के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है) आमतौर पर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और शिशà¥à¤“ं में à¤à¤• हलà¥à¤•ी वायरल बीमारी है जो खà¥à¤œà¤²à¥€, लाल, फफोलेदार दाने का कारण बनती है। हालांकि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में आम है, वायरस किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° में किसी को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है ।
नठमाता-पिता को बहà¥à¤¤ कà¥à¤› करना पड़ता है: बचà¥à¤šà¥‡ के साथ देर रात तक जागना , उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैसे डायपर पहनाया जाठ, बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाना , और à¤à¤¸à¥‡ ही सूची आगे बà¥à¤¤à¥€ जाती है। लेकिन आपको उन विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बीमारियों से à¤à¥€ अवगत कराया जाà¤à¤—ा जिनसे आपका शिशॠसंपरà¥à¤• में आ सकता है। इनमें से à¤à¤• है चिकन पॉकà¥à¤¸à¥¤ चिकन पॉकà¥à¤¸ à¤à¤• छूत की बीमारी है जो वैरिकेला-जोसà¥à¤Ÿà¤° नामक à¤à¤• विशेष वायरस के कारण होती है। शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ को वासà¥à¤¤à¤µ में काफी सामानà¥à¤¯ घटना माना गया है , कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बहà¥à¤¤ आम हà¥à¤† करता था। हालांकि, टीकाकरण का आविषà¥à¤•ार और पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ होने के बाद, शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ के खिलाफ टीकाकरण मजबूत हो गया। यह पूरे शरीर में लाल धबà¥à¤¬à¥‡ के रूप में पà¥à¤°à¤•ट होता है, जो खà¥à¤œà¤²à¥€ के साथ-साथ तेज बà¥à¤–ार और थकान के साथ आता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चिकन पॉकà¥à¤¸ कब होता है?
चिकन पॉकà¥à¤¸ à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• बीमारी है जिसका कà¤à¥€ à¤à¥€ संपरà¥à¤• किया जा सकता है अगर इसका कोई जोखिम हो। यहां तक कि बहà¥à¤¤ छोटे बचà¥à¤šà¥‡ चिकन पॉकà¥à¤¸ का अनà¥à¤¬à¤‚ध कर सकते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€, अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान या दूध पिलाने के दौरान मां को चिकन पॉकà¥à¤¸ होता है, तो बचà¥à¤šà¥‡ को चिकन पॉकà¥à¤¸ का हलà¥à¤•ा मामला हो सकता है। अगर मां को टीका लगाया गया था, तो अधिकांश बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चिकन पॉकà¥à¤¸ के लिठà¤à¤• निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ है। आमतौर पर बचपन में चिकन पॉकà¥à¤¸ के मामले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होते हैं। यदि à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ जिसके पास कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ है, या बीमारी के संपरà¥à¤• में आने पर à¤à¤• असंकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¤¾ है, तो उसे चिकन पॉकà¥à¤¸ à¤à¥€ होगा। यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कब पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है, इसके लिठकोई समय सीमा निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं है, लेकिन चिकन पॉकà¥à¤¸ के लिठटीका केवल 12 महीने की आयॠके बाद ही दिया जा सकता है।
शिशà¥à¤“ं को चिकन पॉकà¥à¤¸ होने के कà¥à¤¯à¤¾ कारण है?
यह समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकि शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ का कà¥à¤¯à¤¾ कारण है, माता-पिता को यह जानना होगा कि चिकन पॉकà¥à¤¸ सबसे संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• रोगों में से à¤à¤• है, कोई यह à¤à¥€ नहीं जान सकता है कि यह कहाठफैला है, जब तक इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखाई ना दें । किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· शारीरिक संपरà¥à¤• या किसी संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की छींक या खांसी के कारण à¤à¥€ यह रोग हो सकता है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से नाक और मà¥à¤‚ह के माधà¥à¤¯à¤® से संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होता है। यदि बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से अवगत कराया जाता है, जिसके दाद होते हैं और दाद के फफोले से निकलने वाले तरल पदारà¥à¤¥ के सीधे संपरà¥à¤• में आता है, तो इससे शिशà¥à¤“ं को चिकन पॉकà¥à¤¸ à¤à¥€ हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दाद और चिकन पॉकà¥à¤¸ में मौजूद आम वायरस है। हालांकि, वयसà¥à¤•ों को दाद के संपरà¥à¤• में आने से चिकन पॉकà¥à¤¸ नहीं हो सकता। चिकन पॉकà¥à¤¸, या फिर इससे उबरने वाले किसी à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आने से बचने के लिठकदम उठाठजाने चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• ही कमरे में रहकर बीमारी को à¤à¥€ पास किया जा सकता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह हवा से फैलता है।
शिशà¥à¤“ं को चिकन पॉकà¥à¤¸ होने के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं?
चिकन पॉकà¥à¤¸ का सबसे आम संकेत à¤à¤• उचà¥à¤š बà¥à¤–ार और शà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤ में à¤à¥‚ख की कमी है। फिर शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ के यह निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं:
सिर दरà¥à¤¦
थकान
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• नींद आना
तेज बà¥à¤–ार (102-103 डिगà¥à¤°à¥€ F)
सूजन गà¥à¤°à¤‚थियां
लगà¤à¤— 1 या 2 दिनों के बाद, टेलटेल रैश जो शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ का सबसे सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ है, देखा जाता है। लाल खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले दाने के पà¥à¤°à¤•ट होने का सबसे आम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ खोपड़ी, चेहरा और धड़ हैं। पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• दाने के फटने के बाद पूरे शरीर पर लाल खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले धबà¥à¤¬à¥‡ होंगे। ये धबà¥à¤¬à¥‡ बहà¥à¤¤ कम या पूरे शरीर में 500 से अधिक हो सकते हैं! वे बहà¥à¤¤ खà¥à¤œà¤²à¥€ कर रहे हैं और आपके बचà¥à¤šà¥‡ को बहà¥à¤¤ असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ महसूस कर सकते हैं। वे बहà¥à¤¤ खà¥à¤œà¤²à¥€ करते हैं और आपके बचà¥à¤šà¥‡ को बहà¥à¤¤ असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ महसूस हो सकती हैं। याद रखें कि वह काफी ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोà¤à¤‚गे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह काफी पीड़ा से गà¥à¥›à¤°à¤¤à¥‡ हैं। धबà¥à¤¬à¥‡ अंततः दà¥à¤°à¤µ से à¤à¤°à¥‡ फफोले में बदल जाà¤à¤‚गे।
जैसा कि आपने अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया है, फफोले या घावों को खरोंचने से सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और खराब हो जाà¤à¤—ी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर निशान छोड़ देता है। आपको यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना होगा कि फफोले के साथ फà¥à¤‚सियां नहीं हà¥à¤ˆ हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे आसानी से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकते हैं। à¤à¤• बार जब फफोले दà¥à¤°à¤µ से à¤à¤° जाते हैं, तो वे अपने आप फट जाते हैं और बाहर निकल जाते हैं। ये घाव तब सà¥à¤•ैबà¥à¤¸ में बदल जाà¤à¤‚गे जो पूरी तरह से ठीक हो जाà¤à¤‚गे और अगर नहीं उठाठगठतो कोई निशान नहीं छोड़ेंगे। शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ वायरस के संपरà¥à¤• में आने के 10-12 दिन बाद दिखना शà¥à¤°à¥‚ हो सकते हैं, इसलिठयह जानना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि वासà¥à¤¤à¤µ में यह कब हà¥à¤†à¥¤
शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ के उपचार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• वायरस है, बहà¥à¤¤ कम दवा है जो इस बीमारी को ठीक कर सकती है। आम तौर पर यह कई घरेलू उपचारों के साथ-साथ à¤à¤• वेटिंग गेम है जो शिशà¥à¤“ं में चिकन पॉकà¥à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम कर सकता है। यदि आपको बà¥à¤–ार के साथ चकतà¥à¤¤à¥‡ दिखाई देने लगें तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठचिकन पॉकà¥à¤¸ के उपचार हैं:
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बनने वाले फफोले को खरोंचना, रगड़ना या चिढ़ना नहीं। यदि वे खरोंचे जाठ, तो संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने के लिठयह बहà¥à¤¤ आसान है।
à¤à¤‚टीवायरल दवाà¤à¤‚ जो गंà¤à¥€à¤° मामलों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की जानी चाहिठ|(यदि बचà¥à¤šà¤¾ बीमारी से लड़ने के लिठबहà¥à¤¤ छोटा हो या यदि वह बचà¥à¤šà¤¾ असामयिक हो)
खà¥à¤œà¤²à¥€ से राहत के लिठशरीर पर ठंडी कà¥à¤°à¥€à¤® और सà¥à¤–दायक लोशन का उपयोग करना |
दलिया सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करना |
अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को रगड़ने के बजाय बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤–ाà¤à¤‚ |
बà¥à¤–ार असहनीय होने पर पैरासिटामोल बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दी जा सकती है, लेकिन डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤¶à¤¨ के बाद ही |
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤•ूल या किसी à¤à¥€ अनà¥à¤¯ लोगों से दूर रखें जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अà¤à¥€ तक चिकन पॉकà¥à¤¸ नहीं हà¥à¤† है, जब तक कि सà¤à¥€ फफोले ठीक से पपड़ी नहीं बन गठहों |
आराम और से à¤à¤°à¤ªà¥‚र हाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ |
रोग की गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के आधार पर चिकन पॉकà¥à¤¸ 5 से 10 दिनों तक रह सकता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में चिकन पॉकà¥à¤¸ के मामले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठचिकन पॉकà¥à¤¸ खतरनाक है?
चिकन पॉकà¥à¤¸ पीड़ित शिशà¥à¤“ं के लिठकà¥à¤¯à¤¾ और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं करना चाहिठइसकी काफी जानकारी उपलबà¥à¤§ है| यह à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ बीमारी है जो समय और उचित देखà¤à¤¾à¤² के साथ गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ है, परंतॠचिंता के कà¥à¤› कारण हैं जो आपको à¤à¤• माता-पिता के रूप में पता होने चाहिà¤à¥¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के परà¥à¤šà¥‡ के बिना कà¤à¥€ à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ न दें। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का कारण बन सकता है जिसे रेयेस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® कहा जाता है।
यदि कोई लाल धबà¥à¤¬à¤¾ या छाला बड़ा होने लगता है और लाल हो जाता है तो यह संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकता है और आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को सूचित किया जाना चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वह दवा लिख सकता है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ को अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं छोड़ा जा सकता है।
सिरà¥à¤« à¤à¤• महीने के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चिकन पॉकà¥à¤¸ हो जाने से उसकी जान को खतरा हो और यदि वह बचà¥à¤šà¤¾ कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का है, तोह उसके लिठà¤à¥€ जान लेवा हो सकता है |
कà¥à¤› मामलों में चिकन पॉकà¥à¤¸ से पीड़ित बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को निमोनिया हो सकता है।
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